03 अक्टूबर 2021

घनश्यामपुर - स्थानिये चुनाव - वोट किसे दें ? ( भाग-5)

मित्रों,

कुछ मित्रों ने घनश्यामपुर पंचायत चुनाव पर मुझे कुछ लिखने का सुझाव दिये जो मैं लिखते ही रहता हूँ।

कुछ मित्रों ने तो मुझे चुनाव मैदान में उतर जाने का भी सुझाव दे रहें हैं ।

पंचायत चुनाव राष्ट्रीय चुनाव से अधिक संबेदनशील होता है। राष्ट्रीय चुनाव में मैं खुल कर बोल सकता हूँ कि भाजपा को वोट दीजिये।

पंचायत चुनाव में खुल कर बोलने में थोड़ा संकोच हो रहा है, जिसका एक कारण तो ये है कि सारे प्रत्याशी अपने ही भाई बंधू हैं और दूसरा… कौन ऐसा प्रत्याशी है जिसे मैं तो जनता हूँ, लेकिन आप नहीं जानते ? बल्कि आप मुझसे बेहतर ही जानते होंगे।

सबसे आदर्श परिस्थिति क्या हो सकता है ?

पंचायत चुनाव से सम्बंधित मैंने कुछ पोस्ट पढ़ा था जिसमे सारे प्रत्याशी को एक मंच पर बुलाकर अपना दृष्टिकोण रखने का आग्रह किया गया और उनके दृष्टिकोण के आधार पर सारे गाँव के लोगों द्वारा किसी एक को निर्विरोध चुन लिया जाय।

यह एक आदर्श स्थिति होता।

यदि आप एक आदर्श गाँव कि कल्पना करते हैं और आदर्श प्रत्याशी को चुनना चाहते हैं तो आपको एक आदर्श मतदाता बनना होगा।

आदर्श मतदाता ही आदर्श गाँव कि स्थापना कर सकता है।

आइये एक आदर्श गाँव बनाने के लिए एक आदर्श कदम उठाते हैं।

गाँव कि जितनी भी समस्याएं हैं, उसकी सूचि बनाइये और एक आदमी को चुनकर उससे वह काम करवाइये।

यह गाँव के स्तर पर संभव नहीं हो सकता …….? कोई बात नहीं ।

पहले टोला के स्तर पर समझौता कर लीजिये एक टोला से एक आदमी चुन लीजिये अब सिर्फ चार टोला से चार लोग बचे अब गाँव के स्तर पर उन चार में से एक को चुन लीजिये।

घनश्यामपुर गाँव जिसे चुन लेगा, महथवार उसे चुन ही लेगा और महथवार की समस्या को भी उसमे शामिल कीजिये।

आदर्श पंचायत बनाने के लिए आदर्श सोच को विकसित करना होगा।

यदि आपने कोई समझौतावादी रवैया नहीं अपनाया तो एक बात का ध्यान रख लीजिये कि मुखिया या सरपंच घनश्यामपुर से नहीं हो सकता है।

महथवार के लोग अंत समय तक भी किसी एक पर समझौता करके अपने प्रत्याशियों को जीता सकते हैं।

हमारे घनश्यामपुर के लोगों की मूंछ थोड़ी ज्यादा लम्बी हैं और जिसका परिणाम ये हुआ कि घनश्यामपुर ना विधानसभा क्षेत्र रह सका ना नगरपंचायत बन सका। हाँ… कुछ नेताओं के ज़मीन और मकान में बृद्धि जरूर हुई है।

मुझे महथवार के किसी प्रत्याशी से कोई एतराज नहीं है लेकिन उसका चुनाव घनश्यामपुर के लोग करें।

घनश्यामपुर अपने को एक बड़े भाई कि भूमिका निभाए। लेकिन यदि हम आपस में लड़ते रहे और महथवार का प्रत्याशी चुना जाए तो आप बड़े होकर भी अपनी भूमिका निभाने में चूक गए। संख्या में बड़ा होना बड़ी बात नहीं….. सोच को बड़ा करना होगा।

यदि महथवार का कोई प्रत्याशी ( मैं महथवार के प्रत्याशिओं को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूँ ) आपको ईमानदार और कर्मठ नजर आता है….. आप घनश्यामपुर के सभी प्रत्यासी को बिठा कर उसे चुन लीजिये।

वह महथवार से अधिक आपके गाँव का ध्यान रखेगा। आपको अपना बड़ा भाई मानेगा।

अपने बड्डपन को बरकरार रखिये।

घनश्यापुर पंचायत के सभी प्रत्याशियों से कुछ निवेदन –

1. यदि आप चुनाव जीतकर सिर्फ पैसा कामना चाहते हैं तो मैं आपको बताना चाहता हूँ कि पैसा कमाने के लिए यह काम उचित नहीं है।

2. आप यदि इस गाँव और समाज को विकसित करना चाहते हैं…. बिना लोभ और लालच के… तो आपको आगे बढ़ना चाहिए।

3. यदि आप अपने बच्चे को भी उसी सरकारी स्कूल में पढ़ाने के लिए तैयार हैं….. जिसमे गरीब के बच्चे पढ़ते हैं तो आपको आगे बढ़ना चाहिए।

4. यदि आप सादगीपूर्ण जीवन जीकर इस समाज को सेवा करने के लिए तत्पर हैं तो आपको आगे बढ़ना चाहिए।

5. यदि आप निडर हैं, आपमें कोई पक्षपात नहीं है, सबको एक दृष्टि से देखने कि क्षमता हैं तो आपको आगे बढ़ना चाहिए।

6. अंत में…….. यदि आपके चुनाव नहीं लड़ने से कुछ अच्छा हो रहा है तो चुनाव मत लड़िये बैठ जाइये।

मैं किसी प्रत्याशी का नहीं बल्कि घनश्यामपुर के जीत के लिए बूढ़ा बाबा से प्रार्थना करता हूँ।

ऐसा प्रत्याशी को चुनिए कि आपको लगे कि वह प्रत्याशी नहीं बल्कि घनश्यामपुर जीत गया। जैसे मोदी को जीतने से लगता है कि भारत देश जीत गया।

घनश्यामपुर पंचायत चुनाव के इस शृंखला को जारी रखूँगा।

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आभार

सोहन कुमार

मोगा पंजाब दिनांक- 03.10.2021 ( रविवार )



 

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