मित्रों,
मैं
घनश्यामपुर पंचायत चुनाव में जन प्रतिनिधि के उम्मीदवार के लिए मन बना रहा हूँ।
पिछले हफ्ते से मैं इस विषय पर चिंतन कर रहा हूँ अपने परिचितों और मित्रों से सलाह
ले रहा हूँ और 13 अक्टूबर
2021 को इस विचार की पुष्टि कर
दूंगा….. मैं किस पद के लिए उम्मीदवार होऊंगा इसकी घोषणा भी उसी दिन करूँगा।
मैं घनश्यामपुर पंचायत लिख रहा हूँ तो इसका मतलब पूरा पंचायत और जिला परिषद् का क्षेत्र समझे।
मैं चुनाव लड़ने का मन क्यों बना रहा हूँ ?
1. युवाओं में जागरूकता –
मैं आज से लगभग 20 वर्ष पहले मुखिया का चुनाव लड़ा था और बहुत ही बुरी तरह हारा था।
उस समय भी मैंने लोगों को भरोसा देने का कोशिश किया था कि मैं इस पंचायत को विकसित कर दूंगा, लेकिन लोगों को यकीन नहीं हुआ।
मैं गांव में नहीं रहता हूँ लेकिन अपने क्षेत्र के सभी प्रकार के राजनितिक या सामाजिक हलचल पे नजर रखता हूँ।
हमारे क्षेत्र के नवयुवकों ने जिस तरह से हाल के विधान सभा चुनाव में अपनी सक्रियता दिखाई। गांव के गलिओं में स्ट्रीट लाइट लगवाया।
मैं नयी पीढ़ी को नहीं जानता हूँ लेकिन मैंने मह्सूस किया कि नयी पीढ़ी में जागरूकता तो है।
यदि जागरूकता है तो समझिये की विकास कि ओर चल पड़ा है..... जागरूकता से प्रत्याशिओं को चुनने की परिपक्वता भी आ जाती है....... जागरूकता विकास का द्वार है।
मुझे नौजवानो की जागरूकता ने इस दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया।
मैं घनश्यामपुर पंचायत के युवाओं से आग्रह करता हूँ वो घनश्यामपुर पंचायत चुनाव में अपनी सक्रिय भूमिका अदा करे।
2. मेरा आगामी कार्यक्रम-
मैं अपने जीवन के पारिवारिक दायित्व से लगभग मुक्त हो चूका हूँ और अब सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण का दायित्व बचा हुआ है जिसे शुरू करने का योजना तो 2019 से ही था लेकिन कुछ परिस्थितिवश उसमे देर होता चला गया।
इस बिच मैं सोचने लगा कि यदि थोड़ी राजनितिक शक्ति हासिल हो तो सामाजिक दायित्व को अधिक सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है।
मेरे चुनाव मैदान में उतरने को लेकर आप क्या सोचते है ???
कृपया अपना सुझाव दीजिये।
सोहन कुमार
08.10.2021

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