12 दिसंबर 2021

घनश्यामपुर - स्थानिये चुनाव 56 दिनों की एक राजनितिक यात्रा।

मित्रों,

13 अक्टूबर को मैं घनश्यामपुर पंचायत के मुखिया पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की और आज इस राजनितिक यात्रा का संक्षिप्त वर्णन करूँगा।

13 अक्टूबर से 7 दिसंबर तक 56 दिनों में मैंने जो अपना रानीतिक प्रयास किया उस प्रयास से मैं एक भी वोट नहीं बना सका।

मुझे जितने वोट मिले उतने मुझे पहले से ही व्यक्तिगत रूप से जानते हैं…. जानतें तो कुछ और लोग भी हैं….लेकिन ये वास्तविक रूप से जानतें हैं।

इन 56 दिनों में 43 दिन लगातार रात को 9 बजे 10 मिनट के लिए लाइव आता था और बिभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करता था और बिभिन्न वर्ग के लोगों से अपील करता था कि एक आदर्श पंचायत बनाने में मुझे मदद करें।

सुबह 5 बजे क्षेत्र में निकल जाता था और रात को 8 घर पहुँचता था। कभी कभी खाना खाने के लिए भी घर नहीं जा पता था।

पंचायत में उपस्थित लगभग प्रत्येक मतदाता से कम से कम 4 बार मिला हूँ। 2 बार तो अत्यंत इत्मीनान से मिला हूँ।

जितने महिला मतदाता से मिला जा सकता था उनसे कम से कम 2 बार जरूर मिला हूँ।

इस बीच दीपावली, छठ, या मामूली कीर्तन जैसे आयोजन में भी संलग्न रहा हूँ।

पुरे पंचायत में कोई ऐसा कान नहीं होगा जो मेरे आवाज को नहीं सुना होगा।

इतने प्रयास के बाद भी…. मैं एक नए आदमी को वोटर नहीं बना सका।

मुझे अच्छा शिक्षक होने का और अपनी बात को अच्छी तरह समझा देने का घमंड था।

घमंड का नाश तो हो ही जाता है।

नेपोलियन हिल का एक कथन है कि प्रत्येक असफलता के पीछे उसी के समतुल्य सफलता का कोई बीज छुपा होता है।

जितनी बड़ी असफलता उतनी ही बड़ी कोई सफलता की संभावना।

सफलता का वह छुपा हुआ बीज ढूँढ रहा हूँ।

मैं नौकरी छोड़ दिया था लेकिन नौकरी ने मुझे नहीं छोड़ा था।

मेरे पास आजीवन नौकरी करने की सुबिधा है… लेकिन मैं नौकरी छोड़ कर सामाजिक जीवन में पवेश के लिए प्रयास कर रहा हूँ ।

इसी प्रयास के तहत मैं इस राजनितिक द्वार को जोर से खटखटाया लेकिन दरवाजा खुला नहीं। अब किसी दूसरे द्वार को खटखटाऊंगा।

लोगों के स्वभाव को, उसके आचरण को, उसके व्यक्तित्व को, उसके काल्पनिक मजबूरिओं को, उसके अदूरदर्शिता को, उसके सम्बेदनहीनता को और उसके समझ को समझने का यह सुनहला मौका था।

सामाजिक जीवन में प्रवेश से पूर्व सामाजिक स्वभाव को समझ लेना आवश्यक था और उसे इसी माध्यम से अच्छी तरह जाना जा सकता था।

मैं 13 अप्रैल को अपने नए कार्यक्रम की घोषणा करूँगा।

आप हमारे लेख को बहुत ध्यान से पढ़ते है, आपका अभिनन्दन है।


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आभार

सोहन कुमार

मोगा पंजाब, दिनांक – 12.12.2021



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