तेज रफ़्तार सरकार के 10 लाख नौकरी का विवेचना I
मित्रों,
तेज रफ़्तार में दुर्घटना निश्चित है….मैं श्री
तेजस्वी जी का एक भाषण सुन रह था..वे बता रहे थे कि 4.5 लाख जगह रिक्त है और हम 10 लाख लोगों को
नौकरी देंगे। जब 4.5 लाख जगह ही
रिक्त है तो मुझे 10 लाख लोगों को
नौकरी देने का औचित्य समझ में नहीं आया। बांकी लोगों को क्या बिठा कर वेतन देंगे।
निश्चित रूप से वे वेतन सरकारी खजाने से ही देंगे। मैं ये नहीं बता रहा हूँ कि 10 लाख नौकरी दिया ही नहीं जा सकता है। हमने मान लिया कि किसी भी तरह, शराब का ठेका फिर से खोलकर या… किसी भी तरह
से पैसा जमा करके….. क्योंकि किसी
भी तरह पैसा जमा करने में इस पार्टी को दक्षता प्राप्त है। यदि 4.5 लाख रिक्त पदों के जगह पर 10 लाख लोगों को
भर्ती कर दिया जाये तो 10 कड़ोड़ के आवादी
वाले इस राज्य में बांकी 9 कड़ोड़ 90 लाख लोगों का क्या दशा होगा जड़ा सोच लीजियेगा।
एक तो इतने लोगों को नौकरी देना मुमकिन नहीं है और जरुरत भी नहीं है, अब यदि दे ही दिया तो आपको क्या मिलेगा जड़ा हिसाब कर लीजिये 50% तो आरक्षण ले जायेगा, बांकी बच गए 5 लाख.. क्या वह जाती के हिसाब से नहीं मिलेगा ?
मित्रों, जो व्यक्ति अपने व्यक्तित्व, चरित्र, स्वाभिमान और संस्कार का विकास नहीं कर सकता, वह समाज और राष्ट्र का विकास कर ही नहीं सकता।
बिहार में जिस समय RJD कि सरकार थी, मैं सोचता हूँ कि उस समय बिहार में शिक्षा की दर कम थी और श्री लालू जी को एक सामाजिक मुद्दा भी था। आज RJD के पास ना कोई मुद्दा है और ना कोई व्यक्तित्व। धनबल है, बाहुबल है। ना मनोबल है, ना चरित्रबल है, ना संस्कारबल है, ना संकल्पबल है।
हमारी सरकार कैसी होगी ? वो इस बात पर निर्भर करेगा कि हम लोग कैसे है ? हमें बिहार के जनता की बुद्धिमत्ता पर जरा भी संदेह नहीं है। पब्लिक सब जानती है।
मित्रों आज मैं
इस बात फिर से दुहरा रहा हूँ श्री नितीश कुमार जैसा ईमानदार और चरित्रवान मुख्य
मंत्री भारत वर्ष में दूसरा नहीं है।
श्री नितीश जी पिछले 15 वर्षों से मुख्य मंत्री है, उन्होंने बिहार का जो काया कल्प किया उसे आज का कोई नवयुवक कल्पना नहीं कर सकता। आज रात में भी हमारी माताएं और बहने पटना के मॉल में घूमती दिखती है, मेरे जैसे शरीफ लड़कों को भी ये हिम्मत नहीं था कि रात का नाईट शो पिक्चर देख लें…. लड़कियों को तो छोड़ ही दो।
इन 15 वर्षों में उनसे गलतियां भी हुई है, ऐसे ही जैसे मैंने जब पिताजी की सत्ता को संभाला तो मुझे मेरे पिताजी में कई कमियाँ नजर आया। लेकिन मुझे ये जानने का कोशिस करना चाहिए कि उनकी क्या आंतरिक परिस्थितियाँ थी जिसके कारण उनसे ये गलती हुई, मेरे बच्चे भी जब इसे संभालेंगे तो उनको भी मेरी गलतियाँ नजर आने लगेगी।
मित्रों, श्री नितीश जी से गलतियां भी हुई है, लेकिन उनके इरादे पर संदेह मत कीजिये।
अंत में यदि आप श्री नितीश जी को बिलकुल ही नहीं देखना चाहते है… जिस तरह बच्चे अपने माँ बाप को बुढ़ापे में नहीं देखना चाहते है….. तो पुष्पम प्रिया को चुनिए। मुझे इस युवती में प्रतिभा दिखती है। बिहार में तीसरा मुख्य मंत्री का दावेदार कोई नहीं है।
लुटेरों से सावधान रहिये, इनको आपकी जरा भी परवाह नहीं है। इनकी योजना हमारे सरकारी खजानों को लूटकर अपने खजाने में भर लेना भर ही है।
आप मेरी बात को बहुत ध्यान से पढ़ते है, इसके लिए आपका बहुत बहुत अभिनन्दन। मेरे सभी लेख को पढ़ने के लिए, मेरे ब्लॉग - sohankumarroy.blogspot.com को subscribe कर लीजिये I
आभार
26.10.2020
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