17 नवंबर 2020

बिहार चुनाव (अंतिम भाग)

 मित्रों,

मोदी सरकार आने के बाद से हिन्दू - मुस्लिम के बीच तल्खी बढ़ गयी है, ऐसा देखने में आता है, चलिए इनके कुछ कारणों का विवेचना करते है।

1. तीन तलाक- यह अमानवीय प्रथा पाकिस्तान और सीरिया जैसे मुस्लिम देशों में भी अमान्य हो गया था, क्या इसे भारत में बने रहना चाहिए ? मैं इसे भारत के मुस्लिम बहनों के लिए मानसिक स्वतंत्रता मानता हूँ। सिर्फ कुछ मुल्लों और नेताओं ने इस मुद्दे को मुस्लिम बिरोधी बता कर हंगामा करवाया। अब नेतायें किन किन पार्टिओं के थे आप याद कर लीजिये।

2. धारा-370- मैं ऐसा मानता हूँ की धारा 370 हटने के बाद भारत का क्षेत्रफल 2.2 लाख बर्ग किलोमीटर बढ़ गया, जो बिहार के क्षेत्रफल से दुगुना से अधिक है। बिहार का क्षेत्रफल सिर्फ 99 हजार 200 बर्ग किलोमीटर है।

कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। ये सिर्फ आप नारा लगा सकते थे।

वहाँ ना भारत का संबिधान लागू था और ना ही वहाँ भारत के सुप्रीम कोर्ट का आदेश। वहां का झंडा भी तिरंगा नहीं था। वहाँ के बिगरे हुए बच्चे जो सेनाओं को अपमानित करते थे और उस पर पत्थरबाजी करते थे वे सब सुधर गए। अब फारुख अब्दुल्ला भी सुधर जायेंगे जो चीन की मदद से 370 को फिर से लाना चाहते है।

यदि अपने तिरंगे के निचे जम्मू कश्मीर आ गया तो इस देश के मुस्लिम का क्या अहित हो गया ?

धारा 370 के हटने का जो भी विरोध करता है, मैं उसे देशद्रोही मानता हूँ।

जो भी पार्टी धारा 370 के हटने का विरोध कर रही है मैं आपको हाथ जोड़कर निवेदन कर रहा हूँ उसे वोट मत दीजिये……चाहे आप किसी भी धर्म के हो।

हम सिर्फ कश्मीर से संतुष्ट नहीं हैं, हमें POK और अक्साई चिन, कैलाश मानसरोवर सहित लगभग 56000 बर्ग किलोमीटर जमीन को लेना है जो अभी भी पाकिस्तान और चीन के कब्जे में है। इसके लिए जो सबसे पहला काम करना था वो था धारा- 370 को हटाना। इसका विरोध करने वाले के हस्ती को मिटा दीजिये वरना आपके स्वयं की हस्ती मिट जाएगी।

कश्मीर का धारा -370 हमारे देश का कलंक था जिसे धोने के लिए हम सब को मोदी को धन्यवाद देना चाहिए और इसके विरोध करने वाले को नेस्तनाबूत कर देना चाहिए।

अभी हमारे राहुल बाबा कह रहे थे, कि हमारी सरकार होती तो हम चीन को 15 मिनट में फेक देते, लेकिन राहुल को कोई फेकू नहीं बोल सकता है, वह राजकुमार है I कुछ अशिष्ट लोग मोदी को फेकू बोलता है।

3. CAA - यह कानून कहता है कि 31 दिसम्बर सन 2014 से पहले जो हिन्दू बांग्लादेश या पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर भारत में आ चुके है हम उनको नागरिकता दे देंगे।

पाकिस्तान में हिन्दुओं के साथ होने वाली त्रासदी की थोड़ी जानकारी ले लीजिये।

पाकिस्तान में 2017 से पहले हिन्दू शादी को मान्यता नहीं थी अर्थात यदि किसी हिन्दू विवाहित महिला को कोई मुस्लिम उठा कर ले जाये तो उसकी शिकायत नहीं कि जा सकती थी क्योंकि कानूनन हिन्दू शादी मान्य नहीं था सिर्फ निकाह को ही मान्यता था। पाकिस्तान में 24 % हिंदू रहते थे, जिनकी संख्या 2% से भी कम हो गयी है। बांग्लादेश में 1951 में हिंदुओं की आबादी 22 % थी जो 2011 में 9.5 % रह गई।

ऐसा नहीं है कि हम दुनियां के सभी हिन्दुओं को यहाँ बुला रहें है…… 31 दिसम्बर सन 2014 से पहले जो भारत आ चुके है उनको नागरिकता देना है, इस बात से हमारे देश के मुश्लिम को क्या तकलीफ हो सकता है ?

ममता दीदी ने पश्चिम बंगाल में 2 कड़ोड़ घुसपैठिओं को बुलाकर उसे राशन कार्ड और आधार कार्ड बाँट दिया और अपने 2 कड़ोड़ वोट को सुरक्षित कर लिया। देश जाये भांड में। हमें तो रोहिल्या मुसलमानो के लिए भी बहुत प्रेम उमर रहा था जिसे मानवाधिकारों के महान हिमायती नोबेल विजेता आंग सान सू ने भी कोई सहानुभूति नहीं दिखाई…… कुछ तो कारण होगा? हम तो मुस्लिम का नाम सुनते ही, चाहे वो किसी देश के हो, करुणा से भर जाते है, भला ऐसा वोटर कहाँ मिलेगा?

CAA मुस्लिम विरोधी कैसे है ? मैं समझना चाहूंगा।

चुनावी जागरण का ये अंतिम भाग है। वोट देने से पहले विचार जरूर कीजियेगा।

आप मेरी बात को बहुत ध्यान से पढ़ते है, इसके लिए आपका अभिनन्दन। चुनावी माहौल में 2 गज के दुरी का ध्यान रखिये।

बहुत सारे लोग मेरे ब्लॉग - sohankumarroy.blogspot.com को subscribe कर चुके हैं। आप भी कर लीजिये।

आभार

सोहन कुमार

28.10.2020



 

 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें