17 नवंबर 2020

बिहार चुनाव परिणाम (एक समीक्षा)

 मित्रों,

बिहार चुनाव का वही परिणाम आया जो मैं चाहता था और जिसके लिए मैं जो प्रयास कर सकता था वह कर रहा था, मेरा प्रयास राम सेतु बनने में गिलहरी के प्रयास से बड़ा नहीं था, लेकिन मैं अपनी पूरी क्षमता से प्रयास किया और सफल भी रहा।

बिहार चुनाव के सफलता का श्रेय आप बिहार की जनता को नहीं दे सकते है। मैं इस सफलता का श्रेय परम पिता परमेश्वर श्री राम को देता हूँ I

यदि आप आंकड़ों पर गौर करें तो भाजपा 74 सीटें जीतकर राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी तो बनी, लेकिन उसका वोट शेयर करीब 5 प्रतिशत घट गया। वहीं, 75 सीटें जीतने वाली राजद वोट शेयर में सबसे आगे रही।

यदि कोई 500, 1000, 2000 वोट से जित गया तो आप इसे राम कृपा नहीं तो क्या मानेंगे ?

वोट प्रतिशत के हिसाब से श्री तेजस्वी यादव की सरकार होनी चाहीये। श्री नीतीश बाबू की सरकार तो राम की महिमा से बन गयी।

श्री तेजस्वी यादव को इतने वोट मिलने के पीछे क्या कारण है ? यह एक विचार का विषय है। आज तक यह व्यक्ति कोई ऐसा काम नहीं किया है जो इनके व्यक्तित्व को महिमा मंडित करता हो। इनके व्यक्तित्व में ना शालीनता है, ना बौद्धिकता, ना शिक्षा, ना संस्कार, नाम तेजस्वी जरूर है, लेकिन व्यक्तित्व में तेजस्विता तो बिलकुल नहीं है।

श्री तेज प्रताप जी भी चुनाव जीत गए है।

मैं सचमुच स्तब्ध हुँ और इन कारणों को समझ नहीं पा रहा हुँ। उनकी सरकार भी नहीं थी कि जबरदस्ती वोट ले लिए, जैसा पहले होता था। हमने अपनी मर्जी से वोट दिया है।

आखिर हो क्या गया है हमें। एक धन बल के अतिरिक्त इस व्यक्ति में कोई भी बल हो तो मुझे जानकारी दीजिये।

यदि हमने अपनी सोच समझ को विकसित नहीं किया तो हर बार राम हमारी मदद नहीं कर पाएंगे। उनकी भी मर्यादा है, वे मर्यादा पुरषोत्तम है।

मित्रों मैं कोई राजनितिक व्यक्ति नहीं हुँ, परन्तु समाज के किसी भी पहलु पर अपना विचार रख देता हुँ। जो राजनितिक लोग है और मेरे विचार से सहमत नहीं है, मैं उनसे क्षमा चाहता हुँ।

मैं एक शांतिपूर्ण समाज निर्माण के लिए श्री राम से प्रार्थना करता हुँ।

आप मेरे लेख को पसंद करते है इसके लिए आपका हार्दिक अभिनन्दन।

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आभार

सोहन कुमार

17.11.2020



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