मित्रों,
अपने बच्चों की परवरिश कैसे करे ? इस सम्बन्ध में मैं 21.11.2011 ( शनिबार, छठ के सुबह का अर्ग) से एक धारावाहिक लेख शुरू कर रहा हूँ। और मैं अपने नौजवान मित्रों से, जो इस समय अपने बच्चों की परिवरिश कर रहें है, निवेदन करता हूँ की आप इस लेख को नियमित पढ़े और सिर्फ पढ़ना ही काफी नहीं होगा यदि आप इसका अनुपालन भी करेंगे तो यह अभ्यास आपके जीवन को सार्थक बना देगा।
अपने बच्चों की परिवरिश से अधिक महत्व का कार्य इस जीवन में दूसरा नहीं है।
यदि आप अपने बच्चों के परिवरिश से संतुष्ट हो जाते है, तो आप अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में अपने को अधिक संतोष का अनुभव करेंगे और उस हालत में शायद मृत्यु भी आसान होती होगी। यदि आपने बच्चों के परिवरिश में चूक कर दी, तो चाहे आप कितना भी धन अर्जित कर लिजिये, संतोष का अनुभव नहीं कर पाएंगे?
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आप मेरे लेख को पसंद करते है इसके लिए आपका हार्दिक अभिनन्दन।
आभार
17.11.2020
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