21 अक्टूबर 2020

बिहार चुनाव (कुछ सुझाव)

 बिहार के सभी मतदाताओं को मैं ह्रदय के अंतःकरण से नमन करता हूँ। अभी आपके हाथ में बिहार की सत्ता है, आप जिसे चाहें राजसिंहासन पर बिठा सकते है। आप अपने इस शक्ति का प्रयोग कैसे करे….. इसे मैं विनम्रता के साथ आपके समक्ष निवेदन कर रहा हूँ --

सुझाव - 1. अपने अंतःकरण को साक्षी रखकर वोट करें -

मित्रों ये नेता लोग एक माहौल बना कर आपके सोचने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। आप अपने हिसाब से, जो आपको ठीक लगता है, जिस व्यक्ति या जिस पार्टी में आपकी श्रद्धा हो Iआप अपने ह्रदय से जो सोचेंगे वह अच्छा होगा…. शैतान तो दिमाग होता है। मैं चाहता हूँ की आप जिसे वोट देना चाहते है उसी को दे….उसे वोट देने का निर्णय मन ही मन कर ले, अब चाहे माहौल जैसे भी बने....आप अपने विचार पे अडिग रहें।

सुझाव - 2 पैसे लेकर वोट ना दें -

मैं आपको पैसे लेने से मना नहीं कर रहा हूँ.....यदि कोई पैसा बाँट रहा है तो आप अवश्य ले लें....आप ऐसा मत सोचें कि यदि आपने पैसे लेकर वोट नहीं दिया तो आप बेईमान हो जायेंगे। यदि आपने पैसे लेकर वोट नहीं दिया तो आप एक आदमी के साथ बेईमानी कर रहे है वो भी उसके साथ जिसे बहुत पैसा है शायद भगवान आपको माफ़ भी कर दे।

लेकिन यदि आपने पैसा लेकर वोट दे दिया तो आप पुरे समाज, अपने बच्चे और अपने पुरे वंश के साथ बेईमानी कर रहे है….. जिसे यदि आपका बच्चा माफ़ कर भी दे ... लेकिन भगवान आपको माफ़ नहीं करेंगे।

आप यदि और भी ईमानदारी बरतना चाहते है तो जिससे पैसे लिए 2-4 दिन उसके नाम का जयकारा लगा दीजिये…………

फलाना आदमी जिन्दावादजिंदाबादजिंदाबाद I

हमारा नेता कैसा हो फलाना आदमी जैसा हो।

आपने उतनी मजदूरी कर दी। मजदूर को भी तो तो 500 रुपया रोज मिल ही जाता है और आपको भी तो वही 1000-2000 ही देगा। परन्तु बंधु वोट मत देना। हम सब लोग डुब जायेंगे और यदि आपके कारण हम डुब जाएँ या आपके बच्चे डुब जाये, ऐसा पाप मत करना।

पैसा बाँटने वाले नेता को वोट कभी मत दीजिये और पैसा कभी मत छोड़िये। ये पैसे वाले लोग है आप इनके साथ थोड़ी बेईमानी कर सकते है।

सुझाव - 3 शराब या अन्य खान-पान के लालच में वोट मत दीजिये- जो बात हमने पैसे के लिए बताया वही बात शराब पिलाने, मिट भात खिलाने, या अन्य खान-पान के लिए लागु है। यदि नेता के तरफ से शराब मिल रहा है…. और आप शौक़ीन है….तो जम के पीजिये। अपने पैसे से लोग कहाँ तबियत से पी पाता है। पुरे चुनाव का आनंद लीजिये, ये हमेशा थोड़े आता है। लेकिन ऐसे लोगों को वोट मत दीजिये। वोट अपने ह्रदय से पूछ कर दीजिये।

इन नेताओं के खर्चे का चिंता मत कीजिये। ये मेहनत करके पैसा नहीं कमाया है। इसके पैसे पर आपका हक़ है। लेकिन इसको वोट देने का हक़ आपको नहीं है। वोट देने से पहले अपने ह्रदय से जरूर पूछना वरना ये 2-4 दिन का मजा लेकर बहुत पछतावोगे।

ऐसा काम करो कि मजा भी आ जाये और पछताना भी न पड़े।

सुझाव - 4 इन नेताओं के चक्कर में अपने निजी संबंधों को ख़राब न करे - चुनाव के बाद ये नेता हमें दिखेंगे नहीं, परन्तु हमारे भाई बंधू हमेशा हमारे साथ रहेंगे इसलिए किसी नेता के बहकावे में आकर अपने निजी संबंधों को कमजोर ना करें।

किसी के मान्यता को बदलने का हिंसक प्रयास मत कीजिये, अपनी मान्यता पर अडिग रहिये। हमारे निजी सम्बन्ध हमारे जीवन के धरोहर हैं।

10 नवम्बर के बाद चुनावी माहौल समाप्त हो जायेगा, वो नेता उस पार्टी में जाकर मिल सकता है जिसके विरोध में आप अपने पडोशी से नफरत करने लगे थे। कौन कब किस पार्टी में चला जायेगा आप अनुमान भी नहीं लगा सकते।

सुझाव – 5 दो गज कि दुरी बना कर रखे - अभी मैं कुछ चुनावी सभा और जनसम्पर्क अभियान का विडियो देख रहा था। अत्यंत भयावह स्थिति था….हमें उतना उत्साहित होने का जरुरत नहीं हैI

चुनाव जितने के बाद कोई नेता आपको मिलने नहीं आएगा आप बीमार हो जायेंगे तब भी।

अपने स्वस्थ का ध्यान रखिये। चुनावी सभा में कभी मत जाईये, यदि पैसे मिल रहे हो तब भी, पता नहीं चुनावी सभा हो कैसे रहा है ?

आप मेरी बात को बहुत ध्यान से पढ़ते है, इसके लिए आपका अभिनन्दन। मेरे ब्लॉग - sohankumarroy.blogspot.com को subscribe जरूर कर लीजिये

आभार

सोहन कुमार

21.10.2020



 

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