मित्रों,
हमारे देश में
बिहार एक ऐसा प्रदेश है, जहाँ के लोगों के राजनितिक समझ सबसे अधिक है, हालाँकि इस बात का लाभ इस प्रदेश को नहीं
मिला, इसका कारण ये
है की हमें समझ तो है, लेकिन हम जान
बुझ कर कभी निजी हित, कभी जातिगत
हित और कभी अन्य कारण से नए नए प्रयोग करते रहते हैं।
आज के चर्चा में हम वर्तमान मुख्यमंत्री और संभावित मुख्यमंत्रियों की विवेचना करेंगे।
मेरे समझ से आज के समय में नितीश कुमार से अधिक प्रभावी मुख्यमंत्री भारतवर्ष में दूसरा नहीं है। हमारे नौजवान वोटर्स को श्री लालू प्रसाद और श्री मति राबड़ी देवी के शासनकाल का अनुभव नहीं है।
बिहार में जितनी तेज गति से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हुआ, पुरे देश में इस गति से कहीं नहीं हुआ। ये बात मैं लगभग पुरे भारत भ्रमण के बाद बता रहा हूँ I नरेंद्र मोदी को गुजरात मॉडल का श्रेय दिया जाता है, परन्तु गुजरात पहले भी विकसित था। बिहार की सड़के, यहाँ का प्रशाशन, यहाँ का गुंडागर्दी, अपहरण, असुरक्षित बेटी और बहनें, आज के युवा इसकी कल्पना नहीं कर सकते, परन्तु हमारे उम्र के लोग जरा पीछे मुड़ कर देखिये उस भयावह रात को जिसे नितीश कुमार ने उजाला कर दिया।
शराबबंदी जैसे कठोर निर्णय पुरे भारत में यही व्यक्ति ले सका।
श्री नितीश कुमार की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं भी बहुत कम है। इनको सुसाशन बाबु आज कल लोग व्यंग से बोलते है, मैं इस बात को ह्रदय से मानता हूँ। यदि आप भी अपने ह्रदय पर हाथ रखकर पूछेंगे तो आपका ह्रदय भी यही कहेगा क्योंकि हमारा मस्तिष्क अलग-अलग है लेकिन ह्रदय तो एक ही है।
मैं श्री नितीश कुमार को बिहार का भाग्य मानता हूँ I ये शख्स नेक, ईमानदार, भाई भतिजाबाद से अलग कर्म योगी है, जो अपने बच्चों के लिए नहीं बल्कि हमारे लिए दिन रात मेहनत कर रहा है।
आप इनको वोट ना दें इसमें कोई बुराई नहीं है, आपके वोट देने या ना देने के कई कारण हो सकते है, परन्तु यदि आप इस वयक्ति के लिए कोई भी अपशब्द या व्यंग करते है तो आप अपने जमीर के साथ न्याय नहीं कर रहें हैं।
अब हम दूसरे मुख्यमंत्री उम्मीदवार की चर्चा करते है वो है, कुमारी पुष्पम प्रिया चौधरी। मैं इस युवती में प्रतिभा देखता हूँ। मैं चाहता हूँ कि यदि बिहार कि जनता नितीश कुमार से ऊब गया हो, ऊब जाना बुद्धिमत्ता का निशानी है, मंद बुद्धि जल्दी ऊबता नहीं I यदि आपको नया प्रयोग करना ही है, तो कुमारी पुष्पम को अवसर दीजिये I क्योंकि वो जात पात से अलग एक नयी तरह कि राजनीती लेकर आयी है I उसे एक अवसर दिया जा सकता है यदि आप बहुत ज्यादा ऊब गए है तो, बारात में लोग रसगुल्ला से ऊब जाता है। प्रयोग करना है तो कुछ सजीव प्रयोग कीजिये, अपनी पुरानी गलतियों को मत दुहराइये।
अगले मुख्यमंत्री के दावेदार है श्री तेजस्वी यादव। इनके पिताजी और माताजी दोनों बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके है, लेकिन अपने बच्चों को कॉलेज तक नहीं पहुँचा सके, और शिक्षा से भी अधिक महत्व कि जो बात है वो है संस्कार, उनके नजर में शिक्षा और संस्कार का कोई महत्व नहीं था सिर्फ धन चाहिए I ये मुख्यमंत्री हो जाएँ तो कोई आश्चर्य नहीं होगा मुझे, लेकिन बिहार एक बार फिर से अँधेरे में डुब जायेगा, इस बात में मुझे जरा भी संदेह नहीं है I
मुख्यमंत्री के दौर में और भी कई नाम हैं, कौन होंगे ये तो अभी अनुमान नहीं लगाया जा सकता, लेकिन लेकिन किसे होना चाहिए ? मैंने अपनी निजी विचार आपके समक्ष रखा। यदि किन्ही को मेरा विचार पसंद ना आये तो मैं इसके लिए क्षमा चाहता हूँ I
मैं सभी मतदाताओं से निवेदन करता हूँ कि, वोट आप अपनी इच्छा से दीजिये, और इसके लिए अपने किसी निजी संबंधों से द्वेष मत कीजिये, मुझसे भी नहीं।
चुनाव के माहौल का आनंद लीजिये। किसी व्यक्तिगत स्वार्थ में मत परिये, आपका वोट, आपका, हमारा और हमारे बच्चों का भविष्य निर्धारित करेगा।
आप मेरी बात को बहुत ध्यान से पढ़ते है, इसके लिए आपका अभिनन्दन। चुनावी माहौल में 2 गज के दुरी का ध्यान रखिये।
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सोहन कुमार
16.10.2020

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