(14/1 जिला परिषद एवं घनशयमपुर पंचायत विशेष)
मित्रों,
हमारा पंचायत आज के समय में बिहार का सबसे पिछड़ा पंचायत है। क्यों ?...............क्योंकि हम सक्षम प्रतिनिधि चुनने में अक्षम
रहें हैं।
हम घनशयमपुर के पिछड़ेपन के कुछ मूलभूत कारणों का चर्चा करते है। जब कोर्थु का कॉलेज बन रहा था उस समय हमने सुना था कि घनश्यामपुर में जमीन ही नहीं मिला इसलिए कॉलेज कोर्थु चला गया। यदि जमीन ही ना हो तो कहाँ कॉलेज बनेगा और कहाँ प्लेग्राउंड।
अभी हमारे गाऊँ में ब्रह्मचारी जी एक वैदिक विद्यालय चला रहे है…. जो हमारे ही परिवार के कुछ भाइयों के निजी जमीन पर चल रहा है, मैं अपने उन भाइयों को ह्रदय से अभिनन्दन करता हूँ।
लेकिन सवाल ये है कि हमारे गाऊँ में जो पंचायत की जमीन है, जो सरकार की जमीन है, वह जिन लोगों के कब्जे में है, वह कब खाली होगा ? उस जमीन को अधिग्रहण करने की जिम्मेवारी किसकी है ?
जब तक वह जमीन खाली नहीं होगा तब तक आप विकास के किस आयाम की बात कर रहे है ? ढकोसलपूर्ण सांत्वना देने से क्या लाभ होगा ? मेरे ख्याल से जमीन की ये समस्या लगभग हर गाऊँ में होगी ।
एक बात और समझ लीजिये जमीन खाली करवाना कश्मीर में धारा 370 हटाने से कम मुश्किल काम नहीं है और उसके लिए मोदी जैसा नेता चाहिए।
अपनी जेब भरने वाले नेताओं के बस का बात नहीं है की वह पंचायत को विकास के किसी ऊँचे आयाम तक पहुँचा सके।
हमें एक क्रन्तिकारी नेता चाहिए ….. जरूरी नहीं है की वह घनश्यामपुर का हो या वह जयदेवपट्टी का हो…. बुढब का हो… महतवार का हो या पंचायत के किसी भी कोने से हो। ये भी जरुरी नहीं की वह हमारे जात का हो… वह हिन्दू हो… मुस्लमान हो… या किसी भी जात का हो। जरूरी ये है कि वह इस क्षेत्र के विकास के लिए संकल्पित हो। जरूरी ये है कि उसे अपने क्षेत्र के जनता का परवाह हो, और न्याय के लिए लड़ने को तैयार हो।
जितने भी उम्मीदवार है और जिस पद के लिए भी है उनको एक लिखित घोषणा पत्र को समाज में प्रकाशित करना चाहिए जिसमे इस पंचायत के विकास का एक ठोस योजना हो और उसे सच्चे मन से प्राप्त करने की प्रेरणा।
जो प्रत्याशी अपनी व्यक्तिगत उन्नति के लिए चुनाव में खड़ा होना चाहते है, मैं उनसे निवेदन करूँगा कि वो कोई दूसरा धंधा अपना ले। नेतागिरी से धन कमाने वाले का कभी कोई इज्जत नहीं हुआ है। नेताजी सुभाष बाबू थे, लालबहादुर शास्त्री थे, मनोहर परिकर थे, कलाम साहब थे, मोदी हैं, जिनको धन नहीं चाहिए।
अब धन कमाने वाले को देख लीजिये लालू जी, जेल में चक्की पीस रहे हैं, और बच्चे को दसवीं नहीं करवा सके, नेहरू जी का सारा खजाना खाली हो गया राहुल जी के आते आते।
मैने पिछेल भाग में परम आदरनिये स्वर्गीय श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा का जिक्र किया था, उनकी प्रसिद्धि धन कमाने के वजह से नहीं हैं, बल्कि धन को बाँट देने के वजह से हैं।
आपको भविष्य में किस बात के लिए याद किया जाना चाहिए, विचार कीजिये। धन की लालसा हैं तो राजनीती मत कीजिये, बहुत धंधे हैं, कुछ भी कीजिये।
राजनीती करना हैं तो क्रन्तिकारी बन जाइये। अपने बारे में मत सोचिये। इतने सारे लोग आपको जिस पद पर बिठाया उसकी गरिमा को समझिये और उसकी रक्षा कीजिये।
मित्रों यही वह समय है, जब आप अपने पंचायत को सँवार सकते है। अपने चाचा, मामा, साला, ससुराल का परवाह मत कीजिये। आपका अपना भाई आपके काम आ रहा है क्या ?
एक प्रगतिशील नेता ही हमारे समाज को प्रगति के पथ पर ले जा सकता है।
अपने बच्चों की परिवरिश कैसे करे ? यह बात मैं बाद में भी बताता रहूँगा इस समय घनश्यामपुर पंचायत का विकास कैसे हो ? इस सम्बन्ध में मेरा चिंतन जारी हैं।
आप मेरे लेख को बहुत ध्यान से पढ़ते है इसके लिए अभिनन्दन।
मेरे ब्लॉग sohankumarroy.blogspot.com को subscribe कर लीजिये।
आभार
एक व्यक्तिगत विनम्र निवेदन –
सभी उम्मीदवारों से जिला परिषद से लेकर वार्ड मेंबर तक और सभी गाऊँ से जो भी
घनश्यामपुर पंचायत या 14/1 के जिला परिषद के क्षेत्र में आते है, जितने भी प्रत्याशी हैं मैं उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए उत्सुक हूँ।
इसके लिए मैं 26 अप्रैल को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक पूरा एक दिन लगभग 12 घंटे का समय निर्धारित किया हूँ।
मैं किन्ही का भी आधे घंटे से अधिक का समय बर्बाद नहीं करूँगा।
अभी तो प्रत्याशी को ही मुझे मिलने के लिए आना चाहिए क्योंकि मैं उनका वोटर हूँ, लेकिन यदि वो चाहे तो मैं उनके घर पर जाकर भी उनसे मिल सकता हूँ। प्रत्यासी मुझे जहाँ भी बुलायेंगे मैं जाने के लिए तैयार बैठा रहूँगा। मुझे जयदेवपट्टी, महतवार या कहीं भी बुलाएँगे मैं हाजिर हो जाऊंगा।
मैं एक बार अपने सभी प्रत्याशियों से साक्षात्कार करने को उत्सुक हूँ, यदि मुझे अनुमति मिले तो।
मैं अपने निजी कार्यो से गाऊँ में कुछ दिन रहूँगा लेकिन इस कार्य के लिए मेरे पास एक दिन का ही समय हैं।
मुझसे संपर्क कैसे करें ?
मेरे फेस बुक के पर्सनल मैसेज में निम्न लिखित जानकारी दें-
नाम-
ग्राम-
प्रत्याशी ( जिस पद के उम्मीदवार है )-
मोबाइल नंबर –
मैं आपसे संपर्क कर लूंगा और 26 तारीख को आपके सुबिधानुसार या तो आप को बुला लूंगा या आपके घर पहुँच जाऊंगा।
आप सभी मुझे मिलने का अवसर अवश्य प्रदान करें। मैं सिर्फ एक प्रश्न करूँगा कि यदि आप चुनाव जीत गए तो अपने क्षेत्र के विकास के लिए आप की क्या योजना है ? इसे प्रश्न का उत्तर मैं आपके मुँह से सुनना चाहता हूँ और एक जागरूक मतदाता के नाते ये मेरा अधिकार है।
मेरे इस लेख को सभी प्रत्याशिओं तक पहुंचने का प्रयास करें।
एक बार फिर से बहुत बहुत आभार।
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