17 अप्रैल 2021

कोरोना से कैसे बचे ?

 मित्रों,

ये लेख पढ़ने के बाद आपको कोरोना नहीं होगा, और यदि हो चुका है तो आप ठीक हो जायेंगे।

मैं उन परिवार के प्रति सम्बेदनशील हूँ जिन्होंने इस त्रासदी में अपने किसी प्रियजन को खोया है।

कोरोना का नया संस्करण पिछले वाले कोरोना से अधिक आक्रमक है, और ये सिलसिला आगे भी चलेगा और इसकी आक्रमकता भी बढ़ती जायेगी।

जब तक धरती के लोग प्रकृति से नहीं जुड़ेगा, अपने शरीर और भावना के स्वच्छता के महत्व को नहीं समझेगा तब तक यह कठोर शिक्षक की तरह हमें समझाता रहेगा।

इस बीमारी का एकमात्र इलाज शरीर के प्रतिरोधक क्षमता और मन के सकात्मकता को बढ़ाना है।

कैसे बढ़ाये ?

सबसे पहले भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने शरीर के प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए पिछली साल जो उपाय बताये थे, उसकी चर्चा कर लेते है -

1. योग कीजिये -

रोज कम से कम 30 मिनट का समय योगासन, प्राणायाम और ध्यान में लगाएँ। घर के 5 वर्ष से अधिक उम्र के सभी सदस्यों को योग करने के लिए प्रेरित करें। इस बात की पुष्टि योग गुरु स्वामी रामदेव बाबा ने भी की है। उनके अनुसार अनुलोम विलोम, कपाल भाति और सूर्य नमस्कार जैसे योग आसन करने वाले को कोरोना नहीं होगा।

24 घंटे से अपने लिए 30 मिनट का समय निकालिये और अपने जीवन की रक्षा कीजिये।

2. खाने-पीने में सावधानी रखें -

इन दिनों आप जो भी खाना खा रहे हों, उसमें हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन का इस्तेमाल जरूर करें. ज्यादा तेल, बटर वाले खाने से परहेज करें । दिन भर में जितनी बार भी पानी पीएं, उसे हल्का गर्म करके ही पीएं।

3. दिन में दो बार हर्बल काढ़ा पीजिये-

पानी में तुलसी के पत्ते, दालचीनी, काली मिर्च, सूखी अदरक, लोंग, मुनक्का मिलाकर अच्छी तरह धीमी आंच पर उबालें. स्वाद के अनुसार इसमें गुड़ या नींबू का रस मिला सकते हैं ।

दिन में कम से कम एक बार हल्दी वाला दूध पीएं । 200 मिलीलीटर गर्म दूध में करीब आधी चम्मच हल्दी मिलाकर पीएं। दूध उपलब्ध ना हो तो गर्म पानी में आधी चम्मच हल्दी मिलाकर पीएं।

स्वामी रामदेव ने कहा कि गिलोय को पानी में उबालना चाहिए और फिर हल्दी, काली मिर्च पाउडर और तुलसी के पत्ते मिलाने चाहिए।

चाय की जगह हर्बल काढ़ा का अभ्यास लगाइये। यदि चाय पीना बहुत आवश्यक हो तो चाय भी पीजिये और हर्बल काढ़ा भी।

इसे आज से शुरू कीजिये।

4. दिन में एक बार स्टीम ( भाप) ले -

किसी बर्तन में गर्म पानी करके उसमें पुदीने की कुछ पत्तियां और अजवाइन को मिलाकर इसे भाप के रूप में सांस में भरें।

भाप लेने का सही तरीका-

सबसे पहले एक बर्तन में पानी गर्म कर लें। चेहरे को अच्छी तरह से साफ कर लें। इसके बाद मेज पर गर्म पानी के बर्तन को अच्छी तरह से सुरक्षित रख लें। पुदीने की कुछ पत्तियां और अजवाइन को डाल दे । अब टॉवेल लें और इसे अच्छी तरह से पूरे चेहरे को ढंक लें। अब चेहरे पर स्टीम लेने के लिए अपने चेहरे को गर्म पानी के बर्तन से कुछ दूरी पर रखें। ध्यान रखें, आपको चेहरे को बहुत पास नहीं ले जाना है।

अपनी नाक से स्टीम को सांस के जरिए शरीर के अंदर लें और उसे मुंह से बाहर छोड़ें. यह प्रक्रिया 10 बार दोहराएं. इसके बाद ठीक इसके विपरित प्रक्रिया करें यानी मुंह से स्टीम शरीर के अंदर लें और नाक से छोड़ें. इस प्रक्रिया को भी 10 बार करें. इस पूरे प्रोसेस में 2-3 मिनट से ज्यादा का समय नहीं लगता है।

महिलाओं के लिए विशेष- इससे ना सिर्फ इम्युनिटी बढ़ता है। आपके चेहरे का ग्लो भी बढ़ जायेगा।

इसे दिन में एक बार और 10 मिनट से अधिक ना करे।

5. गुड़ के साथ लौंग चबाएं -

अगर आपके गले में खरास की समस्या है तो गुड़ या शहद के साथ लौंग का पाउडर मिलाकर इसे दिन में दो से तीन बार खाएं।

6. मास्क पहनना /बार-बार साबुन से हाथ धोना और 2 गज की दूरी रखना

इसके बारे में सुन सुन कर आपका कान पक गया है, इसलिए इसके सम्बन्ध में सिर्फ एक बात बता देता हूँ कि यह बहुत आवश्यक है।

अब कुछ घरेलु और व्यवहारिक बातों को समझिये -

1. जब आप बाहर जाकर घर आते है -

जब आप बहार से घर में प्रवेश करते है तो बैठने से पहले खरे-खरे आपके पास जो भी सामान है, जिसे साबुन से नहीं धोया जा सकता (मोबाइल, घड़ी पर्स आदि) उसे सेनेटाइज कर दीजिये और सीधे बाथ्ररूम में या नहाने के जगह पर चले जाइये सभी कपडे में थोड़ा साबुन या सर्फ में डुबो दीजिये और खुद भी साबुन से नहा लीजिये उसके बाद ही अपने बच्चे को प्यार से उठाइये। नहाने से पहले अपने घर के किसी भी सदस्य को या किसी भी सामान को मत छुइए।

2. एक छोटी पोटली बनाइये-

एक साफ सूती कपडे में कपुर का 2-3 टिकिया, एक छोटी चम्मच आजवाइन, और 4-5 नाग लौंग को पोटली में बांध कर अपने पास रखिये और दिन में जब भी याद आये, उसे सूंघते रहिये। ये प्रयोग आपके शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को कम नहीं होने देगा। कपूर ऑक्सीजन को शोषित कर लेता है और आपके शरीर में पहुंचा देता है।

आपको ऑक्सीजन का सिलिंडर नहीं लगवाना है तो यह प्रयोग शुरू कर दीजिये।

3. टीवी पर समाचार कम से कम देखिये -

यदि संभव हो तो मत देखिये। दुनियाँ का हालत बहुत ख़राब है और आपके चिंता करने से भला तो किसी का नहीं होगा, आपका नुकसान जरूर हो जायेगा। नकारात्मक सोच शरीर के इम्युनिटी को कम कर देता है।

4. संगीत सुनिए-

जब भी मौका लगे संगीत सुनिए। भजन सुनने का मन है तो भजन सुनिए। भजन सुनने का मन नहीं है तो प्रेम गीत सुनिए। यदि उम्र अधिक है तब भी प्रेम गीत सुनने का आनंद उतना ही है, जितना कम उम्र के लोगों को आता है। जीवन के आनंद को महसुस कीजिये इम्युनिटी बढ़ जायेगी।

5. अन्य क्रियाकलाप -

बच्चों के साथ गेम खेलिए, चिड़ियाँ को दाना खिलाइये और उसके पानी का प्रबंध कीजिये, कुत्ते को रोटी खिलाइये, यदि आस पास गौ माता हैं तो उनको खिलाइये और उनके बदन को स्पर्श करके प्रणाम कीजिये।

6. ईश्वर पर विश्वास रखिये -

इस विषय को मैं सबसे अंत में लिख रहा हूँ, लेकिन इसका महत्व सबसे अधिक है।

कुम्भ स्नान में जिन संतों की मृत्यु हो गयी इसके लिए मुझे बहुत दुःख है लेकिन उनको आप संत मत मानिये। जो संत है, जिसे ईश्वर में आस्था है उसकी अकाल मृत्यु नहीं हो सकती। ईश्वर में आस्था रखिये, वो जो भी करते है, अच्छे के लिए करते हैं।

यदि आप कोरोना पॉजिटिव हो चुके है

शांति से और धैर्य पूर्वक अपने घर में ही कोरेन्टाइन होकर ऊपर बताये गए सभी उपायों को ( 5 अन्य क्रियाकलाप को छोड़कर) तत्परता पूर्वक पालन कीजिये। आप स्वस्थ हो जायेंगे। तुरंत हॉस्पिटल का चक्कर मत लगाइये। हॉस्पिटल में जगह नहीं मिलेगी और आप तनाव के कारन अपना प्राण गवा बैठेंगे। हॉस्पिटल में कोरोना की कोई खास दवा नहीं है वही डेक्सामेथासोन जो गठिया और अस्थमा के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा है, दी जाती है। आप किसी डॉक्टर की सलाह से ये दवा घर में भी ले सकते है और ऑक्सीजन के लिए अपना कपूर ही काफी है और यदि बहुत जरूरत हो जाये तो ऑक्सीजन का सिलिंडर घर में भी लाया जा सकता है।

हॉस्पिटल में आपको संगीत सुनने का अवसर नहीं मिलेगा। संगीत आपके कोरोना को भागने के लिए सबसे बड़ी दवा है जो घर में ही मिल सकता है।

घर में रहिये, जिसके मन में शांति और धैर्य है कोरोना उसका प्राण नहीं ले सकता।

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आभार

सोहन कुमार

मोगा, पंजाब दिनांक – 17.04.2021 ((शनिवार) (चैत्र नवरात्र - पंचमी)



 

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