मित्रों,
इस संबंध में सबसे अच्छी बात ये है कि कोरोना किसी गरीब मजदूर को नहीं होगा ।
कोरोना हमें मजदूरी सिखाने और पिज्जा बर्गर खाने से मना करने के लिए ही तो आया है। जो पहले से मजदूरी कर रहा है उसके पास कोरोना नहीं जाएगा।
हाँ ये गरीब वर्ग में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे या 50 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को हो सकता है।
इस वर्ग कि जो सबसे बड़ी समस्या है वो है कोरेन्टाइन होना क्योंकि ये एक ही घर
में 5 या 10 लोग रहते है। यहाँ महिलाओं के निजता का भी अत्यंत अभाव होता है।
इस माहौल में कोरेन्टाइन कैसे रहा जाय और जान कैसे बचाया जाय ?
1. घर के एक कोने
में 3ft * 6ft का जगह
निर्धारित कीजिये –
कोरेन्टाइन होने का अर्थ ये है कि आपको किसी के संपर्क में नहीं आना है… जिसे एक घर में भी व्यवस्था किया जा सकता है।
इसमें सबसे बड़ी बाधा ये आएगी कि रोगी को हर समय मास्क पहनना होगा। और यदि मास्क हटा कर साँस लेने का इच्छा हो तो घर से बाहर आकर साँस लेना होगा।
भगवान ने आपको गरीब बनाया तो थोड़ी कठिनाई सहनी होगी।
2. घर के बच्चों
पर कड़ी निगरानी रखिये –
इस वर्ग के लोगों को बच्चे भी अधिक होते है और वह अपनी नासमझी से रोगी के
संपर्क में ना चला जाय इसकी कड़ी निगरानी रखनी होगी।
3. रोगी के सेवा
करने में सावधानी रखिये-
रोगी के कपड़े (जो कम ही होते है), खाने कि थाली
और ग्लास, तम्बाकू आदि
को उसी 3ft * 6ft के जगह में रख
दीजिये और खाना-पानी आदि बिना संपर्क किये हुए दीजिये…. लेकिन घृणा मत कीजिये और डरिये भी मत.... सिर्फ सावधान रहिये।
4. रोगी को भी
सावधान रहना है –
वह अपने 3ft * 6ft के जगह में ही
रहे…. कभी यदि बाहर
जाना हो तो घर के किसी वस्तु या किसी व्यक्ति को हाथ ना लगाए और अधिकतर समय राम
राम या अल्लाह अल्लाह जपता रहे। वह निश्चित निरोग हो जाएगा।
5. रोज व्यायाम
करे –
सुबह शाम जितना चल सकता है और जितना तेज चल सकता है चले। किसी से अनुलोम विलोम, कपाल भाति करना सिख ले और सुबह शाम करे। कोरोना भाग जायेगा।
6. खाने-पीने में
सावधानी रखें –
खाने में हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन का इस्तेमाल गरीब व्यक्ति भी करता ही है, गरम पानी भी पी सकता है और तेल, बटर उसके घर
में होता ही नहीं है ।
7. दिन में दो
बार हर्बल काढ़ा पिए-
गिलोय को पानी में उबाल कर तुलसी के पत्ते, दालचीनी, काली मिर्च, सूखी अदरक, और लोंग
मिलाकर उबालें और दिन में दो बार पी ले। दूध ना मिले तो गरम पानी में आधी चम्मच
हल्दी मिलाकर पीएं।
8. दिन में एक
बार भाप ले -
उसी खाने के वर्तन में गर्म पानी डालकर उसमें अजवाइन को मिलाकर इसके भाप को
सांस में भरें। ऐसा घर के बाहर निकलकर करें।
9. गुड़ के साथ
लौंग चबाएं -
अगर गले में खरास की समस्या है तो गुड़ के साथ लौंग का पाउडर मिलाकर इसे दिन
में दो से तीन बार खाएं।
10. एक छोटी पोटली
बनाइये-
एक साफ सूती कपडे में कपुर का 2-3 टिकिया, एक छोटी चम्मच आजवाइन, और 4-5 नाग लौंग को पोटली में बांध कर अपने पास रखे और दिन में जब भी याद आये, उसे सूंघते रहे । ये प्रयोग शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को कम नहीं होने देगा। कपूर ऑक्सीजन को शोषित कर लेता है और शरीर में पहुंचा देता है।
11. एक घंटा प्रतिदिन पीपल के छांव में बैठिये -
इस समय ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए पीपल के छांव में बैठना भी बहुत लाभदायक
रहेगा। पीपल इस धरती पर एक मात्र ऐसा पेड़ है जो दिन और रात दोनों समय ऑक्सीजन
उत्सर्जित करता है। पीपल का न फल उपयोगी है न फूल….. सिर्फ ऑक्सीजन के लिए पीपल की पूजा की जाती है।
पीपल के पेड़ में भगवान् कृष्ण का निवास बताया गया है। वहां बैठ कर कृष्ण को अपना तकलीफ बताएँगे तो नजदीक में होने से वो सुन भी लेंगे और आपको रोगमुक्त कर देंगे
12. ईश्वर पर विश्वास रखिये –
आप पर ईश्वर की विशेष कृपा है। ईश्वर ने आपको गरीब बनाया यह आपके किसी कर्मों
का फल है….. परन्तु उनकी
दृष्टि आपके ऊपर उसी प्रकार है…… जिस प्रकार
माँ-बाप कि दृष्टि अपने कमजोर संतान पर होती है।
आप देख लीजिये कोरोना से मरने वालों में गरीबों कि संख्या अत्यंत कम है…. इसलिए आप निश्चिंत रहिये आप को कुछ नहीं होगा।
भगवान का नाम लेते रहिये। आपकी बात भगवान कभी नहीं टालेंगे।
आपको यदि इस बात का यकीन हो जाय कि आपको कुछ नहीं होगा तो मैं आपको यकीन से कह
रहा हूँ कि आपको कुछ नहीं होगा।
जिसके मन में शांति और विश्वास है कोरोना उसका प्राण नहीं ले सकता।
इस सम्बन्ध में सबसे बुरी बात ये है कि यह लेख मैं जिस वर्ग के लिए लिख रहा हूँ….. शिक्षा और स्मार्ट फ़ोन के अभाव में वह इसे नहीं पढ़ पायेगा।
जागरूक और पढ़े लिखे लोगों को इनकी मदद करनी चाहिए। हम पैसे नहीं दे सकते, सलाह तो दे ही सकते है।
आप हमारे लेख को बहुत ध्यान से पढ़ते है, आपका अभिनन्दन है, लेकिन इसे
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आभार
सोहन कुमार
मोगा, पंजाब दिनांक – 24.04.2021 ((शनिवार) (चैत्र शुक्ल- द्वादशी)
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