09 सितंबर 2020

अलीनगर विधान सभा क्षेत्र ( वोट किसे दे ) भाग-1

 

मित्रों

अलीनगर विधानसभा सीट पर दूसरे चरण में मतदान होना है। 19 अक्टूबर तक, जब सभी उम्मीदवार मैदान में आ चुके रहेंगे और जिनको जाना होगा जा चुके रहेंगे। 3 नवंबर को वोटिंग होना है और 10 नवंबर को मतगणना।

वोट किसे दें इसकी विवेचना 19 अक्टूबर के बाद अधिक स्पस्टता से किया जा सकता है I

मैं इस विधान सभा क्षेत्र के सभी प्रत्याशिओं से प्रार्थना करता हूँ की वे हमें सिर्फ साथ देने के लिए ललकारें नहीं बल्कि, आप चुनाव जीतने के बाद मेरे गाऊँ के लिए क्या करने बाले है ? इस बात को अपने वोटर्स को अच्छी तरह समझाइए, की यदि आप मुझे वोट देंगे तो आप मुझे क्या देने वाले है ? इसमें स्पस्टता लाईये की आप घनश्यामपुर के लिए क्या करने वाले है ? पाली, महतवार, लगमा हर गाऊँ के लिए आपकी क्या योजना है ? इसे स्पस्ट कीजिये I

जो प्रत्यासी अपनी कार्य योजना को ठीक से बना पाएंगे और और वोटर्स को समझा पाएंगे, उनकी विजय सुनिश्चित है।

मैं युवा मतदाताओं से निवेदन करना चाहता हूँ कि अपने जोश का प्रयोग होश के साथ करें । प्रत्यासी को ठीक से पहचानिये, चुनाव चिन्ह को भूल जाईये।

यहाँ के वर्तमान विधायक श्री अब्दुील बारी सिद्दीकी हैं। श्री सिद्दीकी सात बार विधायक और एक बार विधानपरिषद सदस्यद रह चुके हैं। श्री सिद्दीकी के लिए यह सीट बहुत ही सुरक्षित माना जाता है।

घनश्यामपुर विधान सभा को बदलकर अलीनगर विधान सभा कर देना एक सोची समझी साजिश थी और निशाने पर था ब्राह्मण वोटर।

एक तो ब्राह्मण वोटर संगठित नहीं है। खासकर यदि मैथिल ब्राह्मण का चर्चा किया जाय तो इससे अधिक असंगठित समाज इस देश में कोई दूसरा नहीं हैI जिसके कारण किसी भी पार्टी को इस समाज पर भरोसा नहीं रहा, पार्टी को छोड़ दीजिये हम एक दूसरे पर भरोसा नहीं करते, और सबसे मजे की बात ये है की हम अपने को बुद्धिमानी के श्रेणी में अपने को सबसे ऊपर रखते है।

इस समाज से कभी ललित बाबू, जगन्नाथ जी, भोगेन्दर बाबू जैसे कद्दावर नेता हुआ करते थे, आज हम लालू प्रसाद के अशिक्षित बेटों से अपने प्रदेश के उन्नति का उम्मीद लगाए बैठे है I

इस बार बिहार में एक नया राजनितिक प्रयोग भी हो रहा है, पुष्पम प्रिया का प्लुरल्स पार्टी I बिहार यों भी इस देश का राजनितिक प्रयोगशाला रहा है I चाहे गाँधी जी के सत्याग्रह आंदोलन का शुरुआत ( चम्पारण आंदोलन ) हो या जयप्रकाश बाबू का 'सम्पूर्ण क्रांति'. बिहारिओं में क्रांति ला देने का जज्बा है, परन्तु हमें एक मार्गदर्शक चाहिए. पुष्पम प्रिया यदि कामयाब रही तो एक नए तरह के राजनीती का शुरुआत होगा जिसमे मुझे सकारात्मक पहलु दिख रहा है I

वोट देने के निर्णय को निष्पक्षता से तय कीजिये लाउडस्पीकर कि शोर और बैनर के आकार को देखकर भ्रमित मत होइए, ये नेता लोग आपके दिमाग को हैक करने कि क्षमता रखतें है। यदि आप किसी भी तरह के लोभ, मोह, जाती या सम्बन्धी को आधार मान कर वोट देंगे तो पिछले 70 वर्षों की तरह अगले 5 के लिए भी अफ़सोस करने के लिए तैयार रहिये।

आपका वोट आपका अधिकार है और इसका प्रयोग अपने विवेक से कीजिये. जो नेता आपको शराब पीला कर या कोई लालच देकर वोट मांग रहा है उसका शराब जरूर पी लीजिये, लेकिन उसे वोट मत दीजिये I

अलीनगर विधान सभा चुनाव पर हमारा टिप्पणी जारी रहेगा I

आप मेरे लेख को मेरे ब्लॉग - sohankumarroy.blogspot.com पर ही पढ़ते है लेकिन उसे subscribe करने और वहां पर कमेंट करने में थोड़ा आलस्य करते है

आप मेरी बात को बहुत ध्यान से पढ़ते है, इसके लिए आपका बहुत आभार। अपना और अपने परिवार का ख्याल रखिये

आभार

सोहन कुमार

09.10.2020



 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें